महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ योगेश यादव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुंबई: रक्षा बंधन के अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में पहुंचकर अलग अंदाज में त्योहार मनाया। यहां उन्होंने सेक्स वर्कर्स से राखी बंधवाई और उनकी समस्याओं को समझने की बात कही।
अठावले ने कहा कि कमाठीपुरा में रहने वाली कई महिलाएं परिस्थितियों और मजबूरी के कारण यहां जीवन गुजार रही हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केवल सहानुभूति पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
महिलाओं की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
रक्षा बंधन के मौके पर कमाठीपुरा पहुंचे अठावले ने कहा कि वह पहली बार इस इलाके में आए हैं। उनके मुताबिक, यहां अलग-अलग राज्यों से महिलाएं आकर रह रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होना चाहिए, ताकि वे बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
मुंबई का ऐतिहासिक इलाका है कमाठीपुरा
कमाठीपुरा मुंबई के ग्रांट रोड इलाके में स्थित है और इसका इतिहास काफी पुराना है। यह इलाका लंबे समय तक रेड-लाइट एरिया के तौर पर पहचाना जाता रहा है। समय के साथ यहां की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर में भी काफी बदलाव आया है।
कमाठीपुरा का नाम ‘कामाठी’ शब्द से जुड़ा माना जाता है। मुंबई के शुरुआती विकास और निर्माण कार्यों के दौरान दूसरे क्षेत्रों से आए मजदूरों की वजह से इस इलाके को यह नाम मिलने की बात इतिहास में दर्ज है।
गंगूबाई काठियावाड़ी से भी जुड़ा रहा है इलाका
कमाठीपुरा का नाम गंगूबाई काठियावाड़ी से भी जोड़ा जाता है। उनके जीवन और यहां की महिलाओं से जुड़े संघर्षों की कहानी पर फिल्म भी बनाई जा चुकी है। हालांकि, आज कमाठीपुरा की पहचान केवल सेक्स वर्क से नहीं है।
बदल रही है कमाठीपुरा की तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में कमाठीपुरा में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। इलाके में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी हैं और कई पुराने भवनों के पुनर्विकास की प्रक्रिया चल रही है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के कारण क्षेत्र की पुरानी तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है।
पुनर्विकास के बीच यहां लंबे समय से रहने वाले लोगों और सेक्स वर्कर्स के सामने भी विस्थापन और पुनर्वास जैसी चुनौतियां सामने आती रही हैं। ऐसे में रक्षा बंधन के मौके पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का कमाठीपुरा पहुंचना और महिलाओं से राखी बंधवाना सामाजिक रूप से भी चर्चा का विषय बना है।
अठावले ने इस मौके पर महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर सरकार के स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे और उन्हें सम्मानजनक जीवन तथा रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।











