
अस्पताल प्रबंधन पर लूट करने का गंभीर आरोप
भारी भरकम रकम लेने के बाद भी कई मरीजो की चली गयी जान।
शिकायत पर कभी नही होती कार्यवाही आखिर किसके संरक्षण जारी है मौत का सिलसिला।
रीवा/ मध्यप्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय अंतर्गत संचालित मिनर्वा अस्पताल हमेशा अपने कारनामो के लिए सुर्खियों में बना रहता है जहा पर कई मरीजो के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज करने एवं भर्ती के बाद जमकर लूट करने का आरोप लगा चुके है जिसके खिलाफ कई बार खबरे भी प्रकाशित हो चुकी है और शिकायत भी की गई है इसके बाद भी कभी कार्यवाही नही हुई। सवाल यही उठता है आखिर किसके संरक्षण में लूट और मौत का सिलसिला जारी है।
इसी तरह का एक और मामला 21/03/25 को मिनर्वा अस्पताल से सामने आया है जहा पर उपचार के दौरान ममता गुप्ता निवासी गुढ़ नामक महिला की मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लूट और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। बताया जाता है ममता गुप्ता निवासी गुढ़ भागवत कथा सुनने के बाद अपने घर लौट रही थीं। तभी सिरमौर चौराहे के ओवरब्रिज पर अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी हादसे में उनके सिर और नाक पर गंभीर चोटें आईं थी परिजनों ने उन्हें तत्काल संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया लेकिन वहा सही दवा न होने पर घायल महिला को मिनर्वा अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को मृत घोषित करने के बजाय वेंटिलेटर पर रखा और इलाज के नाम पर भारी-भरकम राशि वसूलते रहे।
परिजनों ने मिनर्वा अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले 50,000 रुपये फिर 40000 रुपये जमा कराया गया इसके बाद 70000 रुपये की दवाइया मंगाई गई बाद में 50000 हजार रुपये और जमा किये एमआरआई और अन्य टेस्ट के लिए 17500 अतिरिक्त लगे। यहा तक की परिजनों ने एक दिन में 4 लाख रुपये देने का आरोप लगा रहे है। परिजनों के मुताबिक जब अस्पताल प्रबंधन का पेट नही भरा तो पैसा ऐंठने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि महिला के ब्रेन, पेट और आंखों में ऑपरेशन करना होगा और इसके लिए 20 से 25 लाख लगेंगे। जबकि महिला की मृत्यु हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों ने पहले ही महिला को मृत घोषित कर दिया था। इसके बावजूद भी लगा की शायद जिंदा हो मिनर्वा अस्पताल लेकर आये जहा पर इलाज के नाम पर महिला को वेंटिलेटर में रखकर लूट करते रहे। मृतिका के बेटे दिलीप गुप्ता ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को महिला से मिलने तक नहीं दिया। उन्हें सिर्फ दूर से महिला को दिखाया गया।
जब परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया तब अस्पताल प्रबंधन ने चुपचाप महिला के शव को बाहर कर दिए। जिनके तानाशाही और लापरवाही पर प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। बता दे कि रीवा शहर सहित पूरे जिले में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां अस्पताल प्रबंधन मरीजों और उनके परिजनों से इलाज के नाम पर बड़ी धनराशि वसूलते हैं और घटना होने पर अपना पल्ला झाड़ लेते है जबकि उनपर डाक्टरो की घोर लापरवाही होती है इसके बाद भी सम्बंधित जिम्मेदार अधिकारी तमाशा देखते रहते है।
जिसके लिए शासन प्रशासन को लापरवाह डाक्टरो और लूट कर रहे अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्यवाही करने की जरूरत है और उनपर अंकुश लगाने हेतु कड़े नियम बनाए जाने चाहिए।
PNP NEWS से रिपोर्टर आशीष मिश्रा की खास रिपोर्ट











