रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोनभद्र के रावर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव में खेत की मेड़ बांधने के लिए मिट्टी उठाने को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में छह लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मधुपुर में भर्ती कराया गया।बाद में अस्पताल में भी एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया, जिसमें प्रभारी चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अखिलेश भी घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, भटौलिया गांव में राजेश (34) पुत्र कन्हैया और कन्हैया (65) पुत्र बचाउ का कृष्णवती पत्नी उमा, विकास (26) पुत्र बृजमोहन, सुनीता देवी (45) पत्नी बृजमोहन और आकाश (17) पुत्र बृजमोहन के पक्ष से मिट्टी उठाने को लेकर विवाद हुआ था।विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट हो गई। सभी घायलों को मधुपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया एक पक्ष की सूचना पर पीआरबी वैन अस्पताल पहुंची और पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाकर तीन गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
कुछ देर बाद, बृजमोहन के पक्ष के कई लोग अस्पताल पहुंचे और राजेश पर हमला कर दिया, जो वहां इलाजरत था। यह देखकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश अपने अन्य चिकित्सा कर्मियों के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे। हमलावरों ने डॉ. अखिलेश को भी घायल कर दिया और अस्पताल का रिकॉर्ड रजिस्टर फाड़ दिया।डॉ. अखिलेश को गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति गंभीर होते देख एक कर्मी ने अस्पताल का मुख्य गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ हमलावरों को हिरासत में ले लिया और बाकी घायलों को जिला अस्पताल भेजा। इस हंगामे के कारण ओपीडी सेवा काफी देर तक बाधित रही।
बाद में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद अस्पताल में इलाज फिर से शुरू हो सका।
कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया
थानाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर फाड़े गए रजिस्टर और चिकित्साधिकारी से घटना का विवरण लिया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस पूरे प्रकरण में स्थानीय लोगों ने पीआरबी की लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बावजूद पीआरबी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों या थाने को सूचित नहीं किया और घायलों को अस्पताल मेंछोड़कर वापस लौट गई। लोगों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।











