रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोनभद्र घोरावल उभ्भा कांड की 7वीं बरसी मनाने जा रहे ग्रामीणों को शुक्रवार को जिला प्रशासन ने रोक दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना भी दिया। उभाकांड की बरसती को लेकर उभ्भा-कन्हारी मार्ग, प्राथमिक विद्यालय उभ्भा, घटनास्थल समेत तमाम जगहों पर पुलिस की सख्त नाकेबंदी रही।उभ्भा कांड के घटनास्थल पर जाने वाले रास्ते पर पुलिया के पास बैरियर लगा कर आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगी रही। घोरावल के उम्भा में शुक्रवार को मृतकों की सातवीं बरसी मनाए जाने के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी, सीओ राजेश राय, प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, उभ्भा चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय लगातार उभ्भा में लगातार डटे रहे।
उभ्भा कांड की 7वीं बरसी पर मृतकों के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर बरसी व श्रद्धांजलि कार्यक्रम मनाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। शुक्रवार को गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर बाद 12 बजे करीब 50 लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ के आवास पर एकत्रित हो गए। उभ्भा कांड में मृतकों के परिवार के लोग अपने अपने हांथों में घटना में मारे गए अपने परिजनों की तस्वीरें और फूल माला लेकर पहुंचे। वहां से सभी लोग कार्यक्रम के लिए घटनास्थल पर जाने लगे। रास्ते में एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी,सीओ राजेश राय, प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, उभ्भा चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय फोर्स के साथ वहां पहुंचे और सभी को प्राथमिक विद्यालय के पास रोक दिया। पुलिस प्रशासन ने सभी को अपने अपने घरों में बरसी और श्रद्धांजलि कार्यक्रम मनाने के लिए कहा। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ के नेतृत्व में उभ्भा कांड में मारे गए आदिवासियों के परिजनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को दिया। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से गांव में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, पूर्ण विद्युतीकरण वनाधिकार अधिनियम के तहत ग्रामीणों को जोत कोड कब्जा के आधार पर पट्टा आदि की मांग की। बताते चलें कि उभ्भा गांव में 17 जुलाई 2019 को दो पक्षों में जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में जमकर 4 महिलाओं समेत 11 आदिवासियों की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोग घायल हुए थे।











