संपादक /PNP NEWS
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बलिया। जनपद के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी स्वर्गीय कामजी गोंड की कथित पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेवती थाने में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज एवं आरक्षी अंकित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर उनकी जगह उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह को रेवती थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
यह कार्रवाई मृतक के पुत्र विशाल गोंड की तहरीर पर 12 जुलाई 2026 को दर्ज मुकदमे के बाद की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 103(1), 131 एवं 352 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
विशाल गोंड द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को वह खेतन चौराहे स्थित सूरज कनौजिया की दुकान पर मुर्गा खरीदने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सूरज कनौजिया ने अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर विशाल गोंड पर लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया, जिसके बाद वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकल गया।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू और उनका चालक मनीष यादव, सूरज कनौजिया को साथ लेकर रेवती थाने पहुंचे और विशाल गोंड के विरुद्ध प्रार्थना-पत्र दिया।
पिता को घर से ले जाने और मारपीट का आरोप
मृतक के पुत्र का आरोप है कि 8 जुलाई को दोपहर करीब 1:20 बजे तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह उसके घर पहुंचे। उस समय विशाल घर पर नहीं था। आरोप के अनुसार पुलिस उसके 42 वर्षीय पिता कामजी गोंड को घर से थाने ले गई, जहां ग्राम प्रधान के दबाव में उनके साथ मारपीट की गई।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि शाम करीब 4:05 बजे ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू और चालक मनीष यादव कामजी गोंड को अपनी सुपुर्दगी में लेकर एक ईंट-भट्ठे पर गए, जहां उनके साथ दोबारा मारपीट की गई।
इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे कामजी गोंड ठगनी माई के बगीचे के पास गंभीर अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी भेजा गया, जहां उपचार के दौरान 10 जुलाई 2026 की रात लगभग 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पुत्र विशाल गोंड की तहरीर पर रेवती थाने में सूरज कनौजिया, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू, चालक मनीष यादव, तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज, आरक्षी अंकित सिंह तथा सूरज कनौजिया के एक अज्ञात रिश्तेदार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी की सख्त कार्रवाई
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक सचिन सरोज एवं आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर करते हुए रेवती थाने का प्रभार उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह को सौंपा गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है और परिजन निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।











