पीएनपी न्यूज। धारूहेड़ा 4 जुलाई चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
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धारूहेड़ा नगरपालिका एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कस्बे के लोगों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली रोड, सोहना रोड और बास क्षेत्र के नालों की सफाई किए बिना ही करीब 12 लाख रुपये का बिल तैयार कर अधिकारियों की टेबल तक पहुंचा दिया गया। मामले के सामने आने के बाद लोगों ने नगरपालिका के कार्यों की सीएजी (CAG) से ऑडिट कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पहले नालों की सफाई के निर्देश जिला प्रशासन की ओर से दिए गए थे। उपायुक्त (डीसी) ने भी अधिकारियों को समय रहते नालों की सफाई सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए थे, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। इसके बावजूद कई स्थानों पर नाले अब भी कीचड़ और गंदगी से भरे पड़े हैं।आरोप है कि सफाई कार्य कराए बिना ही नालों के किनारे फोटो खिंचवाकर औपचारिकता पूरी की गई और भुगतान के लिए बिल तैयार कर दिए गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि जब उन्होंने सफाई नहीं होने पर सवाल उठाए तो एक कर्मचारी ने कहा कि “बरसात में नाले अपने आप साफ हो जाएंगे।” वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने कथित तौर पर 12 लाख रुपये का बिल पास किए जाने की जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका के एक सुपरवाइजर ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब नालों की सफाई हुई ही नहीं तो भुगतान का बिल कैसे तैयार किया जा सकता है। उनका कहना था कि अधिकांश नाले अभी भी गाद और कीचड़ से भरे हुए हैं। कस्बे के जागरूक नागरिकों ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी एचसीएस अधिकारी से कराई जाए और यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नगरपालिका द्वारा कराए गए अन्य विकास कार्यों का भी सीएजी से ऑडिट कराने की मांग की गई है।











