रिपोर्टर ,योगेश यादव | पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मुंबई में मानसून की बारिश के बीच महज तीन दिनों में तीन गंभीर हादसों ने शहर की मानसून पूर्व तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चेंबूर में पेड़ गिरने से एक स्कूली छात्र की मौत हो गई, नेरुल में करंट फैलने से दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जबकि साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरने से एक बुजुर्ग की जान चली गई।
23 जून 2026 को महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होने के बाद से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसी दौरान मुंबई और आसपास के इलाकों में हुई तीन घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।
पहला हादसा – चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा पेड़
30 जून को चेंबूर के रोड नंबर 11 पर दोपहर करीब 2:58 बजे 60 से 70 साल पुराना एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर एक चलती स्कूल बस पर गिर गया। बस में यूनिवर्सल हाई स्कूल के 13 बच्चे सवार थे। बस स्टाफ और स्थानीय लोगों ने अधिकांश बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव बस के अंदर फंस गया।
सिर, पेट और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट लगने के बाद उसे तुरंत जेन अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 4:23 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विहान अपने माता-पिता की इकलौती संतान था।
बारिश के दौरान बीएमसी ने 30 जून से 1 जुलाई के बीच पेड़ गिरने की लगभग 90 और शॉर्ट सर्किट की करीब 30 घटनाएं दर्ज कीं। वहीं 1 जुलाई को अकेले 24 घंटे में पेड़ और शाखाएं गिरने की 113 घटनाएं सामने आईं।
दूसरा हादसा – नेरुल में पानी में फैला करंट
1 जुलाई को नवी मुंबई के नेरुल स्थित सायन-पनवेल हाईवे पर एलपी ब्रिज के नीचे भारी जलभराव हो गया था। जांच में सामने आया कि जमीन के भीतर बिछी बिजली की लाइन का इंसुलेशन क्षतिग्रस्त होने से पानी में करंट फैल गया।
इसी दौरान दो कॉलेज छात्राएं वहां से गुजर रही थीं और करंट की चपेट में आकर बेहोश होकर पानी में गिर गईं। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी और स्थानीय लोगों ने पेड़ की डाल की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और डी. वाई. पाटिल अस्पताल पहुंचाया। समय रहते मदद मिलने से दोनों की जान बच गई।
तीसरा हादसा – खुले मैनहोल में गिरने से मौत
2 जुलाई को साकीनाका के खैरानी रोड पर 60 वर्षीय असलम इसाक शेख काम पर जाते समय खुले मैनहोल में गिर गए। बताया गया कि नाले की सफाई के लिए ठेकेदार ने मैनहोल का ढक्कन हटाया था, लेकिन वहां न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
सीसीटीवी फुटेज में असलम अचानक मैनहोल में गिरते दिखाई दिए। काफी तलाश के बाद फायर ब्रिगेड ने करीब दो घंटे बाद उनका शव बाहर निकाला। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद बीएमसी ने लापरवाही के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
तीन दिन, तीन हादसे और कई सवाल
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मुंबई में मानसून पूर्व तैयारियों, पेड़ों के ऑडिट, बिजली सुरक्षा और खुले मैनहोल जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते, तो इन हादसों को रोका जा सकता था।











