रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में भूजल दोहन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बाड़ी डाला स्थित मेसर्स मंगला प्रसाद श्री लाल जी को आवंटित खदान में 250 केवीए ट्रांसफार्मर और बड़े जनरेटर का उपयोग कर बड़े पैमाने पर भूजल निकाला जा रहा है, जिससे क्षेत्र का जलस्तर लगातार गिर रहा है। यह दावा स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने किया है।ग्रामीणों के अनुसार, पहले जहां 50 से 60 फीट पर पानी मिल जाता था, वहीं अब कई स्थानों पर 300 से 1000 फीट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि इससे आम लोगों के साथ-साथ वन्यजीवों और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बिजली विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगने पर अधिकारियों ने जवाबदेही से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे केवल उच्च अधिकारियों के पूछने पर ही जवाब देंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस जगह ट्रांसफार्मर रखा है, वहां तारें बिखरी हुई हैं, जिससे किसी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बताया गया है कि यहा खनन पट्टा 2.10 हेक्टेयर क्षेत्र में ई-टेंडर के माध्यम से आवंटित हुआ है। आरोप है कि खदान परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर और जनरेटर का उपयोग केवल पत्थर खनन के लिए नहीं, बल्कि भारी मात्रा में पानी निकालने के लिए भी किया जा रहा है।ग्रामीणों ने निर्धारित मानकों के विपरीत हेवी ब्लास्टिंग का भी आरोप लगाया है। खदान से 50 से 100 मीटर की दूरी पर बसे घरों में कंपन महसूस होता है। कई बार पत्थर गिरने से मकानों को नुकसान पहुंचने और लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल और सिलिका कणों को स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया गया है, जिससे सिलिकोसिस जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।











