। रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शुक्रवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि अब विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, कर्मचारी एवं अन्य संगठनों द्वारा आयोजित किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही किए जाएंगे।इसके साथ ही ज्ञापन लेने की प्रक्रिया भी उसी स्थान पर संपन्न होगी।
प्रशासनिक कामकाज में व्यवधान को देखते हुए लिया गया निर्णय
जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में आए दिन विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि धरना-प्रदर्शन एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण आम नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण, जनसुनवाई और अन्य शासकीय कार्यों के संचालन में बाधा उत्पन्न होती है। कई बार फरियादियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन के लिए अलग स्थान निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
कलेक्ट्रेट के पीछे कोषागार कार्यालय के सामने होगा निर्धारित स्थल
नए आदेश के अनुसार कलेक्ट्रेट भवन के पीछे स्थित कोषागार कार्यालय के सामने पश्चिम दिशा की ओर धरना-प्रदर्शन के लिए पृथक स्थल चिन्हित किया गया है। भविष्य में जिले के विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित सभी विरोध-प्रदर्शन, धरना अथवा ज्ञापन कार्यक्रम इसी स्थान पर आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे लोकतांत्रिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी और सरकारी कामकाज भी सुचारु रूप से चलता रहेगा।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक समेत सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी संगठन को निर्धारित स्थल के अलावा अन्य स्थान पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए। स्थानीय थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं तथा किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन न होने दें।
धरनास्थल पर पहुंचकर अधिकारी लेंगे ज्ञापन
प्रशासन ने यह भी व्यवस्था बनाई है कि धरना-प्रदर्शन के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी स्वयं निर्धारित स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त करेंगे। प्राप्त मांगपत्रों और शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लोगों को अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने में किसी प्रकार की असुविधा नहो।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उन्होंने सभी विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई, प्रशासनिक कार्यों और आमजन की सुविधाओं को प्रभावित किए बिना लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए निर्धारित स्थल का ही उपयोग कराया जाए। प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से एक ओर जहां शासकीय कार्यों में व्यवधान कम होगा, वहीं दूसरी ओर संगठनों को भी अपनी मांगें और समस्याएं व्यवस्थित तरीके से प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।











