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धारूहेड़ा , 18 सितंबर जिला रिपोर्टर दीपक तिवारी
दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर वर्तमान में कंक्रीट की दीवार बनाकर सभी कट बंद किए जा रहे है। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी द्वारा इस राजमार्ग पर केवल 32 कट खोले जाने की अनुमति दिए जाने के बीच ही गांव खरखड़ा (धारूहेड़ा) के पास हाईवे पर एंट्री और एग्जिट हेतु कट खोलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी के चेयरमैन व रेवाड़ी एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि बैगर प्वाइंट पर कट खुलने से न केवल खरखड़ा बल्कि आसपास के दर्जनों गांव, औद्योगिक इकाइयाँ और शैक्षणिक संस्थान लाभान्वित होंगे।ज्ञापन में बताया गया है कि खरखड़ा और इसके आसपास कई महत्वपूर्ण संस्थान व स्थान मौजूद हैं, जिनमें राजकीय महाविद्यालय खरखड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, आईटीआई, औद्योगिक क्षेत्र, रेवाड़ी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित कॉलोनियां, हजारों की संख्या में औद्योगिक प्लांट और करीब दो दर्जन से अधिक गाँवों को जोड़ने वाले मार्ग शामिल हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में कट बंद होने से छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।इस मांग के समर्थन में ग्रामीण प्रकाश यादव, सतीश, अजीत, मोहन, दिनेश, सुंदरलाल, रोहित, रामेश्वर, रमेश कुमार, सुनिल कुमार, संदीप समेत अन्य लोगों ने हस्ताक्षर कर सरकार से शीघ्र कार्यवाही की अपील की है।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उनकी इस पुरानी मांग को देखते हुए पूर्व एक फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जा चुका है, लेकिन जब तक यहां कट नहीं खुलता, तब तक आम लोगों की परेशानी खत्म नहीं होगी।ग्रामीणों ने साफ कहा कि हाईवे पर कट खुलना स्थानीय जनता की बुनियादी जरूरत है, जिससे न केवल आवागमन में राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास भी होगा।











