भिवाड़ी 31 दिसम्बर संवाददाता डॉ राजकुमार यादव
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कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में आज सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे की दवाओं के अवैध कारोबार का सनसनीखेज खुलासा किया। गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी (जयपुर) और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना पर एपीएल फार्मकिम नामक फैक्ट्री पर छापा मारकर नींद की दवाओं के निर्माण में उपयोग होने वाले करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल जब्त किए। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹32.56 करोड़ आंकी गई है। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में अलप्राजोलम, टेमाजेपाम और पैराजेपाम जैसे नशीले सक्रिय घटकों का अवैध उत्पादन किया जा रहा था। आरोपी फैक्ट्री के भीतर छिपी मशीनों के जरिए केमिकल का मिश्रण तैयार कर टैबलेट बनाते थे, जिन्हें गुजरात के डीलरों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा तक सप्लाई किया जाना था। कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश निवासी तीन केमिकल इंजीनियर कृष्णा, अंशुल शास्त्री और अखिलेश मौर्य को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने एक माह पहले ही कहरानी में बंद पड़ी फैक्ट्री किराए पर लेकर अवैध गतिविधियां शुरू की थीं। फैक्ट्री न तो पंजीकृत थी और न ही दवा निर्माण का कोई वैध लाइसेंस लिया गया था। मौके पर जिला औषधि नियंत्रक की टीम और एफएसएल विशेषज्ञों ने सैंपल लेकर जांच शुरू की। भिवाड़ी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई भिवाड़ी को नशे के अवैध कारोबार का केंद्र बनने से रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।











