रिपोर्टर आशीष कुमार मिश्र मध्य प्रदेश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!*डीसीएम ने किया करोड़ों का घोटाला : भोपाल से आए जांच के निर्देश, जेडी हेल्थ ने दबा दिया*
*रीवा समाचार/Ⓜ️/S✍🏻*
उप संचालक एनएएचएम ने एक संविदा कर्मचारी द्वारा किए गए करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच के निर्देश जेडी स्वास्थ्य सेवाएं को दिए थे। 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच के लिए कमेटी भी बनाई गई लेकिन अब तक फाइल आगे नहीं बढ़ी। रीवा का स्वास्थ्य विभाग घोटालेबाजों को संरक्षण देने का अड्डा बन गया है। यहां करोड़ों के घोटाले हुए लेकिन किसी के खिलाफ कुछ नहीं हुआ। संविदा डीसीएम राघवेन्द्र मिश्रा पर करोड़ों रुपए का एचबीएनसी घोटाला एवं भ्रष्टाचार करने का आरोप आशा ऊषा और सहयोगिनी संघ ने लगाया था। इसकी शिकायत संघ द्वारा अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से की गई थी। डीसीएम पर आशा ऊषा कार्यकर्ताओं से अवैध वसूली करने का भी आरोप है। डीसीएम पर यह भी आरोप लगाए गए थे कि डिलीवरी के बाद जन्म लेने वाले बच्चों की सात बार भ्रमण करने के उपरांत जो पैसा आशा कार्यकर्ता को मिलता है उसमें 50 प्रतिशत वसूली करते हैं। डीसीएम राघवेन्द्र मिश्रा आशा कार्यकर्ताओं पर फर्जी भुगतान के लिए अवैधानिक दबाव बनाते हैं। इनके काले कारनामों का चिट्ठा भी भोपाल भेजा गया था। इसके शिकायत के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कान खड़े हो गए थे। तुरंत ही मामले की जांच के आदेश उप संचालक ने जेडी स्वास्थ्य सेवाएं को दी थी। जांच के आदेश को महीनों हो गए लेकिन अब तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। जेडी ऑफिस में ही फाइल दबकर रह गई है।
शिकायतकर्ता सूर्यकांत मिश्रा का कहना है कि डीसीएम द्वारा करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है। इसके खिलाफ शिकायत करने के बावजूद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में शिकायतकर्ता श्री मिश्रा ने डीसीएम द्वारा किए गए घोटाले की जांच कराने की मांग कलेक्टर और कमिश्नर से की है।
*लाखों का किया गया हेरफेर*
डीसीएम पर करोड़ों के वारे न्यारे का आरोप है। वर्ष 2021-22 में गंगेच 1250000 रुपए, हनुमना में 842250 रुपए, जवा 983750 रुपार, मऊगंज 48500 रुपए, नईगढ़ी 624250 रुपा, रायपुर कर्चुलियान 797750 रुप्या, नोविदगढ़ 582350 रुपए, सिरमौर 949750 तथा त्योचर में 664250 रुपए का घोटाला किया गया। इसी प्रकार से अप्रैल 2022 से 24 सितम्बर 22 तक में गंगेव में 516000, हनुमना 266500, लवा 319000, मऊगंज 217500, नईगढ़ी 181750, रायपुर कर्चुलियान 322750, गोविंदगढ़ 241750, सिरमौर 389250 तथा त्योबर में 281250 घर में 281250 रुपए का गोलमाल डीसीएम राघवेन्द्र मिश्र द्वारा किया गया है। लेकिन डीसीएम पर लगे भ्रष्टाचारों की जांच क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य द्वारा नहीं की जा रही है।
*प्रत्येक विकासखण्डों में आवंटित राशि*
गंगेव -923750
हनुमना- 955500
जवा-938500
मऊगंज-433500
नईगढ़ी- 610750
रायपुर कर्फ्यूलियान -834000
गोविंदगढ़-477500
सिरमौर-91500
त्योंथर- 623000
*तत्कालीन सीएमएचओ ने भी हटाने के लिए लिखा था पत्र*
तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मिश्रा ने भी मिशन संचालक एनएचएम भोपाल को पत्र लिखकर डीसीएम राघवेन्द्र मिश्रा के कार्यकलापों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया था। उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने का लेख किया था। पत्र में कहा गया था कि राघवेन्द्र मिश्रा संविदा डीसीएम हैं। वह दायित्वों का निर्वहन नहीं करते। विकासखंडों के बीसीएम से सांठगांठ कर आशा, आशा सुपरवाइजर के चयन व लेनदेन में ऊर्जा खर्च करते हैं। मातृ शिशु स्वास्थ्य की जानकारी व अन्य जानकारी प्रदान करने व समीक्षा करने में रुचि नहीं लेते। पोर्टल में इंट्री नहीं हो पाती। समय पर कार्यालय नहीं आते। टूर डायरी प्रस्तुत नहीं करने जैसे आरोप लगाए थे।











