। रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अवैध खनन का सबसे बड़ा केंद्र बने सोनभद्र जिले में पुलिस की कार्रवाई में नई साजिशों की परतें उजागर हुई हैं। बीते दिनों तीन बच्चों की सोन नदी में डूबने से मौत की घटना में भी नदी में घुस कर अवैध खनन करने से हादसे की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने खनन को रोका था।राजनीतिक दल के विरोध प्रदर्शन के साथ ही मामला सामने आने के बाद भी प्रशासनिक हीलाहवाली गलत तरीके से खनन करने वालों के पक्ष में नजर आ रही है।
बीते वर्षों में हुए अवैध खनन के हादसों पर लीपापोती कर पर्यावरण के लिहाज से समृद्ध जिले का दोहन जारी है। कहीं प्रशासनिक तो कहीं सियासी संरक्षण ने जिले को अवैध खनन का सबसे बड़ा हब प्रदेश में बना दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने अवैध खनिज परिवहन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बुधवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया।
राबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी तरीके से खनिज परिवहन परमिट तैयार कर गिट्टी का अवैध परिवहन करने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने लैपटॉप, प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर और प्रयुक्त परमिट भी बरामद किए। गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपित अभी फरार हैं।गिरफ्तार किए गए आरोपितों में चंदौली के बोझ गांव निवासी दिलीप प्रजापति, चोपन के कोटा गांव निवासी रितेश जायसवाल, डाला निवासी मोहन उर्फ अजय कुमार, मीरजापुर के भदावर गांव निवासी अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी और झारखंड के गढ़वा जिला के केतार गांव निवासी संतोष जायसवाल शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी का चालान कर दिया है।
फरार आरोपितों में एके इंटरप्राइजेज बिल्ली मारकुंडी का प्रोपराइटर वाराणसी के सारनाथ के अमौली गांव निवासी सुरेश पाठक, पन्नूगंज के कूराकला गांव का अश्वनी पटेल और चोपन के प्रीतनगर निवासी हिमांशु पांडेय शामिल हैं। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि चालक दिलीप प्रजापति से गिरोह की जानकारी मिली। उसने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे खदानों से गिट्टी लोड कर विभिन्न स्थानों तक भेजी जाती थी। प्रत्येक चक्कर के बदले उसे पांच हजार रुपये मिलते थे।पुलिस ने बिल्ली मारकुंडी स्थित एके इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापा मारकर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस ने इस गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
अवैध खनिज परिवहन से होने वाली राजस्व चोरी को रोकने के लिए पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है। इस प्रकार की गतिविधियों पर नियंत्रण पाना न केवल कानून व्यवस्था के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना दें ताकि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।











