रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP news
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अनपरा (सोनभद्र)। उत्पादन निगम की सबसे बड़ी व सस्ती बिजली देने वाली 2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा तापीय परियोजना में मानक के अनुरूप कोयले का स्टाक नहीं है। बारिश के दिनों में कोल खदानों में पानी भर जाने से कोयला उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।इससे तापीय परियोजनाओं को भी कोयले को लेकर तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
अनपरा तापीय परियोजना को मानक के अनुरूप 14 दिनों के लिए 5.30 लाख टन कोयले का भंडारण होना चाहिए। लेकिन इन दिनों परियोजना में महज 2.62 लाख टन यानि मानक का 50 फीसदी कोयले का स्टाक बना हुआ है। पिटहेड की तापीय परियोजना होने से यहां प्रतिदिन रेल रैक से कोयले की आपूर्ति हो रही हैं। 2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा तापीय परियोजना की सात विद्युत इकाईयों से बिजली उत्पादित होती हैं।इस परियोजना को संचालित करने में अभी प्रतिदिन 35 हजार टन कोयले की खपत एवं आपूर्ति हो रही हैं। एमईआइएल एनर्जी लिमिटेड अनपरा में 14 दिनों के लिए मानक के अनुरूप 2.17 लाख टन कोयला के सापेक्ष महज 26 हजार टन कोयले का स्टाक बना है। परियोजना में प्रतिदिन 12 हजार टन से अधिक कोयले की आपूर्ति एवं लगभग नौ हजार टन कोयले की खपत हो रही है।
जबकि एमईआइएल की 600 मेगावाट की एक विद्युत इकाई गत दिनों से बंद चल रही है। ओबरा तापीय परियोजना में मानक के अनुरूप 22 दिनों के लिए 7.91 लाख टन कोयले के स्टाक के सापेक्ष 3.3 लाख टन यानि 38 फीसदी कोयले का भंडारण बना है। बारिश के दिनों में कोल खदानों में पानी भर जाता है। जिससे तापीय परियोजना प्रबंधन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। कोल खदान से गीला कोयला की आपूर्ति होती हैं। पूरे बारिश के मौसम तक यह समस्या बनी रहती है।











