रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP NEWS
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोनभद्र: रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक क्षेत्र के कुशी डोर निवासी मान सिंह पटेल ने पारंपरिक खेती से हटकर ड्रैगन फ्रूट की खेती को अपनाया और इसे अपनी आय का मजबूत जरिया बना दिया।पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर चुके मान सिंह वर्ष 2021 से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। जिला उद्यान विभाग का सहयोग भी उन्हें लगातार मिल रहा है। आज उन्होंने चार एकड़ में करीब 7,200 पौधे लगाए हैं और बेहतर प्रबंधन के दम पर करीब 36 टन तक उत्पादन हासिल कर रहे हैं।
मान सिंह पटेल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में महज एक एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। शुरुआती प्रयोग सफल रहा तो उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने धीरे-धीरे खेती का रकबा बढ़ाना शुरू किया। आज चार एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की लहलहाती फसल उनके सफल प्रयोग की कहानी बयां कर रही है। एक एकड़ में करीब 450 पोल लगाए जाते हैं और प्रत्येक पोल पर चार पौधे लगाए जाते हैं। इस तरह एक एकड़ में लगभग 1800 पौधे तैयार होते हैं। चार एकड़ में कुल 1800 पोल और करीब 7200 पौधे हैं।
20 किलोग्राम ड्रैगन फ्रूट प्राप्त होता है
उत्पादन की बात करें तो एक पोल से औसतन करीब 20 किलोग्राम ड्रैगन फ्रूट प्राप्त होता है। इस हिसाब से एक एकड़ में 450 पोल से करीब 9000 किलोग्राम यानी नौ टन उत्पादन हो जाता है। चार एकड़ में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 36000 किलोग्राम यानी 36 टन तक पहुंच जाता है। मान सिंह के मुताबिक, बाजार में ड्रैगन फ्रूट की कीमत उसकी गुणवत्ता और मांग के आधार पर 125 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल जाती है। ऐसे में यह फसल किसानों के लिए बेहतर आमदनी का एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रही है
जिला उद्यान विभाग से मिल रहे सहयोग ने भी मान सिंह के खेती के सफर को आसान बनाया है। अब उनका लक्ष्य आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन को और बढ़ाना है। मान सिंह पटेल की कहानी बताती है कि पारंपरिक खेती से अलग सोच, सही तकनीक और मेहनत को अपनाकर किसान खेती को सिर्फ जीविका नहीं, बल्कि बेहतर आमदनी और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बना सकता है।











