ब्यूरो चीफ: सुनील सिंह ठाकुर
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ललितपुर। अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों और फोटो बदलकर चयन हासिल करने का मामला सामने आया है। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि युवकों ने दूसरे लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन पर अपनी फोटो लगाई और उन्हीं अभिलेखों के आधार पर अग्निवीर के रूप में चयन हासिल किया।
जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चयनित अभ्यर्थियों के चरित्र एवं पुराने अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा था। इसी क्रम में साइबर थाना प्रभारी शावेज खान को गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, मेघालय में अग्निवीर का प्रशिक्षण ले रहे बीघामहावत निवासी यशवंत लोधी के चरित्र एवं जन्म प्रमाण पत्र की जांच के निर्देश मिले थे।
अभिलेखों के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों और फोटो का मिलान किया गया तो रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार, यशवंत लोधी के नाम से जुड़े अभिलेखों पर उसकी जगह बिरारी गांव निवासी कन्हैयालाल की फोटो मिली। जांच में जन्मतिथि समेत अन्य विवरणों में भी अंतर पाए जाने की बात सामने आई।
फर्जी दस्तावेजों पर फोटो लगाकर हासिल किया चयन
पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई कि यशवंत लोधी के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कन्हैयालाल ने अपनी फोटो लगाकर अग्निवीर भर्ती में चयन हासिल किया। इसी तरह दो अन्य मामलों में भी दूसरे ग्रामीणों के दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
जांच में गेंचवारा निवासी रामचरन के दस्तावेजों का इस्तेमाल बीघाखेत महर्रा निवासी आकाश द्वारा किए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आकाश का अग्निवीर के लिए चयन हुआ। वहीं बीघामहावत निवासी रामकुमार के दस्तावेजों का इस्तेमाल इसी गांव के वीरेंद्र द्वारा किए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र का भी इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर के रूप में चयन हुआ।
तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
तीनों मामलों में अलग-अलग व्यक्तियों के नाम और अभिलेखों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। साइबर थाना प्रभारी की तहरीर पर सदर कोतवाली में कन्हैयालाल, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसपी संजीव बाजपेई के अनुसार, दूसरे ग्रामीणों के शैक्षिक अभिलेखों और अन्य प्रमाण पत्रों का कथित रूप से इस्तेमाल कर अग्निवीर के रूप में चयनित हुए तीन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद आरोपियों को सरकारी स्तर पर कितना आर्थिक लाभ मिला। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं और भर्ती प्रक्रिया में इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा दस्तावेजों, अभिलेखों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।











