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*राज्यपाल ने देखा थारू महिलाओं के हाथों का अनमोल हुनर, सराहा*
थारू महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी तब और भी प्रभावशाली बन गई जब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने स्वयं ग्राम बलेरा स्थित एकीकृत जनजाति विकास परियोजना चन्दनचौकी द्वारा संचालित हस्तशिल्प उत्पादन एवं विक्रय केन्द्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने थारू जनजाति की महिलाओं से आत्मीय संवाद कर न केवल उनके पारंपरिक और उत्कृष्ट हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया, बल्कि उनके कार्यों की खुले मन से सराहना भी की। इस दौरान विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा, सीडीओ अभिषेक कुमार मौजूद रहे राज्यपाल ने केन्द्र पर कार्यरत थारू जनजाति की महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों जैसे योगा मैट, पूजा मैट, टेबलमैट आदि का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से हस्तशिल्प उत्पादन की प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, प्रशिक्षण की व्यवस्था और उत्पादों की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने विशेष रूप से उत्पादों के विपणन, बाज़ार तक पहुँच और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों से जोड़ने के प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी जाना कि किस प्रकार इन उत्पादों को ब्रांडिंग और पैकेजिंग के माध्यम से व्यापक बाज़ार में स्थापित किया जा सकता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत विकसित थारू जनजातीय हस्तशिल्प उत्पादों का भी अवलोकन किया। उन्होंने इन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केन्द्र स्थानीय जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस दौरान मौजूद थारू जनजाति की महिलाओं से उनकी समस्याएं जानी, जिला प्रशासन को कैंप के जरिए आयुष्मान कार्ड बनवाए। कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पाए।
*रिपोर्टर अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी*











