November 2, 2026 8:55 pm

महाराष्ट्र समाचार: ओशिवारा ड्रग्स केस में बड़ा फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की जेल; 43 लाख रुपये की MD हुई थी बरामद

महाराष्ट्र ब्यूरो प्रमुख योगेश यादव

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मुंबई: मुंबई के ओशिवारा इलाके से जुड़े वर्ष 2024 के मेफेड्रोन यानी MD ड्रग्स बरामदगी मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष सत्र अदालत ने ड्रग्स मामले में आरोपी आकाश अनिल सिंह और भवन हयातसिंह अधिकारी को दोषी ठहराते हुए दोनों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों की भी चर्चा हो रही है।

28 मार्च 2024 की कार्रवाई से जुड़ा है मामला

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला 28 मार्च 2024 को मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-10 द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा है। पुलिस टीम को ओशिवारा इलाके में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की गतिविधि से संबंधित जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की निगरानी की और जांच को आगे बढ़ाया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से मेफेड्रोन बरामद किया। मेफेड्रोन को आमतौर पर MD के नाम से जाना जाता है और यह प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है। बरामद ड्रग्स की कुल कीमत करीब 43 लाख रुपये बताई गई थी।

दो आरोपियों से बरामद हुई 160 ग्राम MD

पुलिस की जांच के मुताबिक, आकाश अनिल सिंह के पास से लगभग 55 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई गई थी। वहीं, दूसरे आरोपी भवन हयातसिंह अधिकारी के पास से करीब 105 ग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 32 लाख रुपये आंकी गई थी।

इस तरह दोनों आरोपियों के पास से कुल करीब 160 ग्राम मेफेड्रोन बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस ने बरामद पदार्थ को जब्त कर उसे जांच के लिए भेजा और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

जांच के दौरान जुटाए गए कई महत्वपूर्ण सबूत

मामले की जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्तर पर सबूत जुटाए। जांच में फोरेंसिक साक्ष्य, तकनीकी डेटा, दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल किए गए। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।

जांच अधिकारियों ने आरोपियों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ बरामद किए गए पदार्थ और उससे संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की। पुलिस के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत के सामने रखा गया, जिसके आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी।

NDPS Act की धाराओं के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 8(c), 22(c) और 29 के तहत मामला दर्ज किया था। इन धाराओं के तहत प्रतिबंधित नशीले पदार्थों से संबंधित अपराध और उससे जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाती है।

मामले की जांच अधिकारी मनोज सुतार और उनकी टीम ने जांच पूरी करने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को अदालत के समक्ष रखा। अभियोजन पक्ष की ओर से भी मामले से संबंधित दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया गया।

अदालत ने दोनों को सुनाई 10-10 साल की सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 31 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने आकाश अनिल सिंह और भवन हयातसिंह अधिकारी को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

अदालत के इस फैसले के बाद 2024 में की गई ड्रग्स बरामदगी की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और वितरण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में मजबूत जांच तथा ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को कानून के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

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