November 2, 2026 8:04 pm

महाराष्ट्र समाचार: एक मच्छर आदमी को…’ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उद्धव ठाकरे का तंज, बयान ने मचाई सियासी हलचल

रिपोर्टर योगेश यादव पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र

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मुंबई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने छात्रों और युवाओं के आंदोलन को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए उनके साहस की सराहना की।

प्रेस वार्ता के दौरान उद्धव ठाकरे ने फिल्म ‘यशवंत’ का चर्चित डायलॉग दोहराते हुए कहा, “एक मच्छर आदमी को…” और इशारों-इशारों में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एकजुट युवाओं की ताकत ने अहंकारी सत्ता को झुकने पर मजबूर कर दिया है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और आंदोलन में शामिल सभी छात्रों एवं युवाओं को बधाई देते हैं। उनके अनुसार, यह केवल किसी मंत्री के इस्तीफे की बात नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं की जीत है जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से देश में डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा था, लेकिन इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि यदि युवा एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं तो बड़ी से बड़ी सरकार को भी निर्णय बदलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है और इस आंदोलन ने उसी शक्ति का परिचय दिया है।

वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी छात्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए घोषणा की कि रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में छात्रों और युवाओं का सम्मान करने के लिए एक विशेष रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों से इस रैली में शामिल होने की अपील की।

राज ठाकरे ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि देश के छात्रों और युवाओं की जीत है। उन्होंने कहा कि आज देश में किसान और छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही से बचती नजर आती है। उन्होंने सरकार से युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की।

राज ठाकरे ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक किसी छात्र के साथ मारपीट करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक आंदोलन का समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना ही होगा और जनता की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

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