रिपोर्टर आशीष कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन द्वारा छतरपुर कार्यपालन अभियंता एसटीसी एसडीएम संभाग को आज निलंबित कर दिया गया। निलंबित करने का मुख्य आधार छतरपुर कार्यपालन अभियंता में पदस्थापना के दौरान आरके पाठक द्वारा अपनी सगे भाई लीलाधर पाठक फर्म बालाजी इंटरप्राइजेज एवं भांजे राघवेंद्र उपाध्याय एवं कई अन्य के द्वारा ठेकेदारी करते हुए पाया जाना है। इसके जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है जिसे 7 दिन में अपनी रिपोर्ट देनी है इस कमेटी में शक्ति भवन एवं सागर के अधिकारी शामिल है। प्रथम दौर पर जब उन्हें वहां से स्थानांतरित करके विजिलेंस में पदस्थापना की की गई थी उसे दौरान कुछ लोगों ने एवं उनके भांजो ने अन्य ठेकेदारों को धमकी देने का प्रयास किया। छतरपुर जिले में पैनल ठेकेदार केवल नाम मात्र के लिए थे उनके नाम का सहारा लेते हुए उनके भांजे एवं परिवार के अन्य लोग कार्य कर रहे थे , विगत सप्ताह उनके द्वारा ठेकेदारी करने की शिकायत मध्य भारत विद्युत ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष ने छतरपुर जिले से आए लोगों के कहने पर की थी, जिस पर उनका स्थानांतरण आदेश छतरपुर एसटीसी से करके विजिलेंस छतरपुर में ही कर दिया गया था। विजिलेंस में ट्रांसफर की खबर पाकर उनके द्वारा स्थानीय होने का फायदा उठाते हुए जांच प्रभावित करने एवं जिन लोगों ने शिकायत की है उन्हें धमकाने का कार्य किया जाने लगा। उनका स्थानांतरण जब भी छतरपुर जिले से बाहर होता था तब मंत्री एवं अन्य लोगों से दबाव बनवा कर वापस पुनः छतरपुर करवा लिया जाता था। मध्य भारत विद्युत ठेकेदार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जनार्दन प्रताप सिंह दुबे एवं संगठन के पदाधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह बताया कि विगत कई वर्षों से वह लगातार मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्य कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निवेदन करते आए हैं कि वह ठेकेदारों के हक का कार्य न छीने। परंतु कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी इस चीज से बाज नहीं आ रहे हैं , सरकारी नौकरी करने के साथ में उन्हें ठेकेदारी भी करनी है एवं अतिरिक्त पैसा भी कम।ना है। जिस कारण न केवल ठेकेदार परेशान हो रहे हैं बल्कि उनके मजदूरों के पास में भी काम नहीं है। वर्तमान में सामाजिक जागरूकता बहुत ही तीव्र गति से आगे बढ़ रही है जिस कारण लोग अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसी प्रकार भ्रष्टाचार करने के कारण अभी तक विद्युत वितरण कंपनी में लगभग 17 अधिकारी एवं कर्मचारी लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध शाखा की गिरफ्त में आ चुके हैं , परंतु फिर भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। उन्होंने बताया कि संगठन के द्वारा माननीय माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह एवं अन्य विभागों में भी पत्र दिया गया है कि उनके टेंडर से विद्युत एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों को अलग-अलग जारी किया जाए। जिस प्रकार बिजली का काम करने वाला सिविल के कार्य में अनुभव न नहीं रखता इसी प्रकार सिविल का काम करने वाला बिजली के कार्य करवाने में अनुभवहीन रहता है। अतः दोनों के टेंडर पृथक जारी होना अति आवश्यक है। आज से 3 वर्ष पहले इस प्रकार नहीं होता था परंतु जब से कांग्रेस का शासन काल चालु हुआ था उसे समय इस प्रकार के नियम प्रचलन में आ गए थे जो की तकनीकी रूप से एवं लीगल रूप से गलत है। जिसमें सुधार किया जाना अति आवश्यक है।











