सरगुजा संभाग हेड ध्रुव जायसवाल
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत वनों की सुरक्षा, अवैध कटाई और इमारती लकड़ियों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष सघन जांच अभियान के तहत वन अमले और स्थानीय ग्रामीणों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वन विभाग और ग्रामीणों की सतर्कता एवं त्वरित संयुक्त कार्रवाई के चलते त्रिकुंडा क्षेत्र के जंगलों से कीमती साल (सखुआ) के लट्ठों का अवैध परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को रंगे हाथों पकड़ा गया है। मौके से वाहन सहित साल की लकड़ी के 5 बड़े और भारी-भरकम लट्ठे बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार में कीमत काफी अधिक आंकी जा रही है।
20 सितंबर की रात जंगल में दी गई दबिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 20 सितंबर 2026 की देर रात की है। वन परिक्षेत्र रामानुजगंज के अंतर्गत आने वाले सर्किल बगरा के बीट त्रिकुंडा स्थित कक्ष क्रमांक 794 के जंगल में कुछ लकड़ी तस्कर अवैध रूप से साल के पेड़ों को काटकर उनके लट्ठे बना रहे थे और उन्हें एक पिकअप वाहन में लोड कर सुरक्षित ठिकाने पर ले जाने की फिराक में थे।
जंगल के भीतर हो रही इस संदिग्ध हलचल की भनक जैसे ही गश्त कर रहे वन अमले और सजग ग्रामीणों को लगी, उन्होंने बिना समय गंवाए रणनीति बनाई। टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए मौके पर ही पिकअप वाहन को लट्ठों समेत अपने कब्जे में ले लिया।
6 आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार, अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आरोपी फरार
कार्रवाई के दौरान वन विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने मौके से 6 आरोपियों को धर दबोचा। हालांकि, घटना स्थल पर घना जंगल और रात का अंधेरा होने के कारण कुछ अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरी तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना का पता लगाया जा सके। वन विभाग द्वारा फरार हुए आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के गांवों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
उच्च अधिकारियों के निर्देशन में दर्ज हुआ वन अपराध
यह पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी (DFO) बलरामपुर के सख्त निर्देशों के पालन में, उपवनमंडलाधिकारी (SDFO) बलरामपुर एवं वन परिक्षेत्राधिकारी (RO) रामानुजगंज के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपादित की गई। वन विभाग ने जब्त पिकअप वाहन और इमारती साल लकड़ियों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत विधिवत वन अपराध प्रकरण (Forest Offense Case) दर्ज कर लिया है।
जनसहभागिता से वन तस्करी पर लगाम
वन अधिकारियों ने इस सफल कार्रवाई के लिए ग्रामीणों की सजगता की जमकर सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि वनों की रक्षा के लिए ग्रामीणों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी तस्करों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि जंगलों की अवैध कटाई और वन्यजीवों या वन उपज की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।











