पानीपत, प्रदेश चीफ ब्यूरो हरियाणा दीपाक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूर्वांचल समाज का पांचवा दिन धरना देते हुए हो गया है। ना कोई बिधायक ना सांसद धरना स्थल पर गए। यही पूर्वांचल के लोग भाजपा सरकार के लिए की जान से चुनाव में लग जाते हैं। आज यही पूर्वांचल समाज धरने पर बैठा है कॉन से मिलने तक नहीं जा रहा है। पूर्वांचल समाज को आने वाले समय में मुंह तोड़ जवाब देने का समय आएगा और पूर्वांचल समाज इस बार सांसद और विधायक को जवाब जरूर देंगे। सिर्फ पूर्वांचल के लिए है जो चार या छह महीने या साल में एक बार घर जाते हैं।
मेरा मानना है सबसे ज्यादा फायदा अगर होगा तो पानीपत के उद्योगपतियों का होगा 99% फैक्ट्री के सामने गेट पर लिखा होता है कारीगर की जरूरत है वर्कर की जरूरत है शायद इसलिए होता है की वर्कर अब आ ही नहीं रहे हैं कोई अपने घर से कोरोना काल के बाद कोई भी व्यक्ति अपने साथ कोई नया व्यक्ति नहीं लाया है । जब हम ट्रेन पर बैठने आते हैं तो हमें बैठाने हमारा भाई ,हमारा मित्र ,हमारा रिश्तेदार आता है और भीड़ देखकर यही कहता हमें ऐसे सफर नहीं करना है ।इसलिए वह घर पर ही रहना चाहते है कोरोना के पहले चार ट्रेनें चल रही थी बंद हो गई है पानीपत में वर्कर का कमी होना, सायद भीड… यह ट्रेनों की भीड़ देखकर सभी घबरा जाते हैं। पहले एक लूम पर एक कारीगर हुआ करते थे अब तीन लूम को एक कारीगर चलते है। घर जाते हैं तो तीनों लूम बंद हो जाती है इसलिए प्रतिदिन का नुकसान हमारे उद्योगपति का हो रहा है दूसरा नुकसान सरकार का हो रहा है जो प्रतिदिन किराये से लाखों का फायदा होता , जनसंख्या बढ़ रही है लेकिन पानीपत से चलने की ट्रेन की संख्या कम हो गई है ।
यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है हम जिस सरकार के समर्थन में हमेशा थे और रहेंगे और हम क्या हमारे पिताजी भी हमेशा बीजेपी के समर्थन में रहते हैं,और वोट करते आ रहे हैं। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि सरकार की तरफ से जल्द और अच्छा सुझाव आये। यहाँ बैठा कोई सदस्य नही कहता की बेटा बेटी को नोकरी लगाई जाये। बच्चे के अंदर काबिलियत होगी तो कही लग जायेंगे। यहाँ कोई जमीन नही माँग रहा। केवल अपने परिवार के बीच तीज त्योहार पर जाने के लिए सुबिधा नही है वो सुबिधा मागने पर मिलेगी। मधु शुक्ला भाजपा नेत्री होकर भी बाप मर गया फिर माँ दोनों का मुह नही देख सकी क्योकि 24 धंटे के अंदर गाँव जाने के लिए ट्रेन नही मिली। व टैक्सी द्वारा जाने की, 30/35 हजार एक साइड का किराया देने की औकात नही थी। आखिर नही गई। और दोनों का अंतिम संस्कार में शामिल नही हुई। इसलिए चाहिए ट्रेन। पूर्वांचल की बेटी मधु शुक्ला, उमाशंकर राय, गुरु जी शिवा धर दुबे जी महाराज, पीठाधीस्वर श्री परशुराम महाराज ,मनोज सिंह , अनिल पांडे ,अमित सिंह ,प्रकाश सिंह, रितेश सिंह, छोटेलाल दिनेश गुप्ता, रामबाबू झा ,अमन कुमार ,रवि मिश्रा, दयाशंकर पाठक, धीरज श्रीवास्तव, राहुल भूमिहार, संतोष राउत, व अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद है।











