November 2, 2026 9:49 pm

नदियों के उद्गम और ऐतिहासिक जल स्त्रोतों में सफाई और सुधार करायें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फेंस में लेकर दिए निर्देश

रिपोर्ट अब्दुल शफीक खान

आगर मालवा, 19 अप्रैल ।जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं और कार्यक्रम के संबंध में निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम आज जल संरक्षण को अपनायेंगे तभी भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित होगा। जल संरक्षण की प्राचीन परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय से प्रदेश भर में जल संरक्षण के कार्य करायें। जल गंगा संवर्धन अभियान जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजनता को जोड़कर इसका प्रभावी क्रियान्वयन करें। अभियान के तहत खेत तालाब निर्माण तथा कुंओं और हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। अभियान के तहत नदियों के उद्गम स्थल तथा पूरातत्वाविक एवं ऐतिहासिक महात्व के जल स्त्रोतों की साफ सफाई और सुधार का कार्य करायें। जल संरक्षण के कार्यों का व्यापक प्रचार प्रसार करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ों अभियान के तकनीकी पक्षों को ध्यान में रखकर इसमें शामिल की जाने वाली नदियों का चिन्हांकन करें। हमारे देश में जल स्त्रोतों और जल संरचनाओं के संरक्षण की परंपरा रही है। इससे जुड़े कई त्यौहार मनाये जाते हैं। शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग मिलकर इसके लिए जागरूकता अभियान चलाये। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नर्मदा नदी के परिक्रमा पथ और पंचकोशी यात्रा की मैपिंग करायें। सभी कलेक्टर पेयजल की व्यवस्था के सतत निगरानी रखें। हर बसाहट में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। हैण्डपंपों के सुधार और नल जल योजनाओं के संचालन की भी निगरानी रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेंहू उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें। गिरदावरी तथा अन्य माध्यमों से प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र तथा श्रीअन्न के क्षेत्र का चिन्हांकन करायें। पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें। नरवाई जलाने की भी घटनाएं लगातार हो रही हैं। कलेक्टर नरवाई जलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें। नरवाई को उपयोगी बनाने के लिए किसानों को हैप्पी सीडर तथा सुपर सीडर जैसे उपकरणों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। गर्मियों में मलेरिया, हैजा तथा लू का प्रकोप होता है। इनसे बचाव के लिए समुचित उपाय करें। खाद्य पदार्थों के फल, सब्जी आदि के नमूने लेकर इनकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमित जांच करें। कलेक्टर नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण और कार्यालयों का निरीक्षण करें। आमजनता के प्रति संवेदनशीलता से व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का निराकरण करें।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में जिला एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नंदा भलावे कुशरे‌, एसडीएम आगर किरण बरवड़े व जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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