बदायूं जनता उत्तर प्रदेश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार यादव
बदायूं के कादरचौक क्षेत्र के गांव जिंसी नगला में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। अलखराम की झोपड़ी में अचानक भड़की आग ने दो मासूम जिंदगियों को निगल लिया। पांच वर्षीय सुमित और छह वर्षीय दीपक, जो डर के मारे चारपाई के नीचे रजाई ओढ़कर छिप गए, यह समझते हुए कि वे आग से बच जाएंगे, लेकिन लपटों ने उन्हें वहीं हमेशा के लिए सुला दिया।
देखते ही देखते आग ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। महिलाएं किसी तरह बाहर निकल आईं, लेकिन दोनों बच्चे भीतर ही रह गए। आग की तपिश बढ़ती गई, और सिलेंडर ने भी आग पकड़ ली। विस्फोट के बाद झोपड़ी जलकर राख हो गई, और उसके साथ ही मासूमों के ख्वाब भी। जब तक आग बुझी, तब तक सिर्फ कंकाल और मांस के चंद टुकड़े ही बचे थे।
इस भयावह घटना में एक भैंस की भी जलकर मौत हो गई। दीपक, जो कुछ दिन पहले ही अपनी मां ममता के साथ ननिहाल आया था, उसी आग की लपटों में समा गया। गांववालों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जब फायर ब्रिगेड पहुंची, तब तक सब कुछ खाक हो चुका था।
इस हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। राख में तब्दील मासूम काया देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं, और दिल सहम उठा।
रिपोर्ट जितेन्द्र कुमार यादव बदायूं











