जहानाबाद (मनोज कुमार )
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जहानाबाद सदर अस्पताल में जिला पदाधिकारी ने फीता काटकर टीबी मरीजों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत GNM और ANM छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान से हुई। इस अवसर पर 65 टीबी मरीजों को मासिक पोषण बास्केट वितरित किए गए।
जिला पदाधिकारी ने मरीजों से मिलकर उन्हें समय पर दवा लेने, पौष्टिक भोजन करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते मरीज दवा बीच में न छोड़ें और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करें।
हर महीने मिलती है पोषण किट
सदर अस्पताल में प्रतिमाह टीबी मरीजों की जांच कर पुराने और नए सभी मरीजों को पोषक आहार किट दी जाती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत टीबी मरीजों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराई जाती है। पोषण किट में अनाज, दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल रहती है, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान सही पोषण मिलता रहे।
डॉक्टरों की चेतावनी चिकित्सकों ने मरीजों को स्पष्ट रूप से बताया कि टीबी की दवा किसी परिस्थिति में बंद नहीं करनी चाहिए। यदि उपचार के दौरान लूज मोशन, पीलिया या पेट संबंधी समस्या उत्पन्न होती है, तो दवा छोड़ने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए ताकि दवा में आवश्यक बदलाव किया जा सके।
टीबी-मुक्त जहानाबाद का लक्ष्य
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जहानाबाद को टीबी-मुक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने मरीजों से स्वच्छता बनाए रखने, खांसी या बलगम खुले में न फेंकने और नशा से दूर रहने की अपील की, ताकि संक्रमण रोकने में मदद मिल सके।
मिलेगी ₹1000 मासिक पोषण सहायता
बिहार सरकार द्वारा टीबी मरीजों को उपचार अवधि में ₹1000 प्रति माह पोषण सहायता दी जा रही है, ताकि मरीज पौष्टिक भोजन ले सकें और तेजी से स्वस्थ हो सकें। इस राशि का लाभ जिले के सभी पंजीकृत मरीजों को दिया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने समाज से भी अपील की कि वे टीबी मरीजों के प्रति भेदभाव न करें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएं, ताकि मिल-जुलकर जिले को टीबी-मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।











