15 अगस्त और 26 जनवरी के कार्यक्रमों के नाम पर वर्ष 2023 से 2025 तक लाखों रुपये के भुगतान का आरोप, शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आकाश प्रजापति जिला उमरिया मध्य प्रदेश
उमरिया। जिले की ग्राम पंचायत अचला में स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों के नाम पर कथित फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि आहरित किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता आकाश प्रजापति द्वारा इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए पंचायत के सरपंच एवं सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत क्रमांक 40625035, दिनांक 18 सितंबर 2026 के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 तक आयोजित कार्यक्रमों के *नाम पर बूंदी, नमकीन, मिठाई, पानी के पाउच, शक्कर, आटा, साबुन, नारियल, मसाले, सूजी, बेसन, राजमा* एवं अन्य सामग्री के बिल लगाकर शासकीय राशि का भुगतान किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित बिलों में जीएसटी नंबर नहीं है। कुछ बिल शिवालय मिश्रा भंडार, उमरिया के नाम से बताए गए हैं, जबकि 11 बिल सेवन दास एवं नेमन दास की दुकान से संबंधित बताए गए हैं। शिकायत में एक ही सामग्री के अलग-अलग दरों पर बिल लगाए जाने तथा कुछ बिलों में सामग्री का विवरण दोहराए जाने को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिलों एवं भुगतान की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामग्री वास्तव में खरीदी गई थी या नहीं, भुगतान नियमानुसार हुआ अथवा नहीं और शासकीय राशि का सही उपयोग किया गया या नहीं।
जांच रिपोर्ट में शिकायत को बताया गया निराधार
सीएम हेल्पलाइन पर उपलब्ध निराकरण विवरण के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत करकेली के उपयंत्री श्री जितेंद्र मिश्रा द्वारा शिकायत का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अमहा में पांचवें वित्त की राशि से शांतिधाम निर्माण, बाउंड्रीवाल तथा चैनल लिंक फेंसिंग के कार्यों का उल्लेख किया गया है। साथ ही, बिल क्रमांक 45 दिनांक 22 मई 2026 के संबंध में सामग्री की खरीदी एवं परिवहन सहित भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
निराकरण रिपोर्ट में शिकायत को निराधार बताते हुए फोर्स क्लोज की कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी शिकायत ग्राम पंचायत अचला में वर्ष 2023 से 2025 तक राष्ट्रीय पर्वों के कार्यक्रमों के नाम पर कथित बिलों और शासकीय राशि के भुगतान से संबंधित है। ऐसे में निराकरण रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अमहा के शांतिधाम निर्माण का उल्लेख किए जाने पर शिकायत के बिंदुओं की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने की दोबारा जांच की मांग
शिकायतकर्ता आकाश प्रजापति ने मांग की है कि शिकायत में उल्लिखित सभी बिलों, वाउचरों, भुगतान अभिलेखों, सामग्री खरीदी के प्रमाणों तथा संबंधित दुकानदारों के दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि शिकायत के प्रत्येक बिंदु का परीक्षण किया गया है या नहीं।
उन्होंने मांग की है कि बिना शिकायत के सभी बिंदुओं की संतोषजनक जांच किए प्रकरण को बंद न किया जाए। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर शासकीय राशि की वसूली की जाए।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग शिकायत के मूल बिंदुओं की दोबारा जांच कराता है या मामला फोर्स क्लोज की स्थिति में ही समाप्त हो जाता है*।











