रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP NEWS
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उच्च मानक पर बिजली उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति परियोजना पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फ़्लाइ ऐश की शतप्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को बिजलीघर कटिबद्ध है। सोमवार को एनटीपीसी विंध्याचल के परियोजना प्रमुख संजीब कुमार साहा ने प्रेस वार्ता में कहा कि एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा कार्बन कैप्चर प्लांट से कार्बन फूटप्रिंट को शून्य करने की दिशा मे एनटीपीसी द्वारा विंध्याचल में कार्बन कैप्चर प्लांट की स्थापना की गई।जिसके द्वारा सयंत्र से निकलने वाली हानिकारक गैस कार्बन मोनोआक्साइड को शोषित कर उसे वायुमंडल में जाने से रोकता है और इसके बाई प्रोडक्ट एथेनाल का उपयोग परियोजना में किया जाता है।
कहा कि परियोजना के उत्पादन में आयी कमी की मुख्य वजह तेजी से बढ़ रहे नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा यथा सोलर आदि के कारण हो रही थर्मल बैकिंग है। डीम्ड पीएलएफ पहले से बेहतर हुआ है। बताया कि एनटीपीसी की विंध्याचल एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की आठवीं सर्वाधिक विद्युत उत्पादन वाली परियोजना है जिसकी वर्तमान विद्युत उत्पादन क्षमता 4783 मेगावाट है, जो कोयला, सोलर एवं हाइड्रो से उत्पादित होती है। परियोजना प्रमुख ने बताया कि एनसीएल से उन्हें पर्याप्त कोयला मिल रहा है। एमजीआर से कोयला आपूर्ति मे डीजल कमी जैसी कोई स्थिति नही है। सीएचपी के विद्युतीकरण किए जाने के सवाल पर परियोजना प्रमुख ने सहमति जताते हुये कहा कि इस सुझाव को वरिष्ठ प्रबंधन को अवगत करा प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे। मानव संसाधन प्रमुख रुमा दे शर्मा ने स्वागत व आभार प्रदर्शन अपर महाप्रबंधक(मानव संसाधन) मृणालिनी ने किया। संचालन उप प्रबन्धक शंकर सुब्रमणियम का रहा।इस दौरान मुख्य रूप से महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं ए डी एम ) एम सुरेश, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं एफ एम) एस के सिन्हा,महाप्रबंधक(तकनीकी सेवाएँ एवं परियोजना) देबव्रत त्रिपाठी,महाप्रबंधक(चिकित्सा) डॉ. बी के भराली, मानव संसाधन प्रमुख(विंध्याचल) रुमा दे शर्मा सहित अपर महाप्रबंधकगण उपस्थित रहें।











