November 2, 2026 8:07 pm

ऑटो-टैक्सी चालकों पर नई शर्तें लागू, मराठी टेस्ट के बाद ही मिलेगा परमिट रिपोर्टर योगेश यादव पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब ड्राइवरों को मराठी टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा, साथ ही उनके परमिट की भी समीक्षा की जाएगी। इस योजना की शुरुआत मीरा-भायंदर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है, जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है।

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सरकार की जानकारी के अनुसार, मीरा रोड और भायंदर क्षेत्र में करीब 12,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड ऑटो और टैक्सी चालकों के दस्तावेजों की जांच आरटीओ द्वारा चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। इसमें खासतौर पर डोमिसाइल सर्टिफिकेट की सत्यता जांची जा रही है। साथ ही ड्राइवरों की मराठी भाषा पर पकड़ परखने के लिए लिखित और मौखिक परीक्षा भी ली जाएगी।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि यह कदम बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की शिकायत के बाद उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि मीरा-भायंदर में लाइसेंस और परमिट जारी करने में अनियमितताएं हो रही हैं और बाहरी लोगों को तेजी से परमिट दिए जा रहे हैं।

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में लाखों ड्राइवर इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में करीब 2.8 लाख ऑटो और 20 हजार टैक्सी परमिट हैं, जिनसे लगभग 5 लाख ड्राइवर जुड़े हुए हैं।

यह अभियान 1 मई, महाराष्ट्र दिवस तक चलेगा। इसके बाद आरटीओ अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर पूरे राज्य में इस नियम को लागू करने पर फैसला लिया जाएगा।

नियमों के तहत, यदि कोई ड्राइवर मराठी भाषा टेस्ट या दस्तावेज जांच में फेल होता है, तो उसका लाइसेंस और परमिट निलंबित किया जा सकता है। यह प्रावधान महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 24 में किए गए संशोधन के तहत लागू किया गया है।

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