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**उरई, 09 दिसम्बर 2025 (सू०वि०)।**
**रितिक कुमार, जिला ब्यूरो चीफ**
उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार **अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन श्रीमती पारुल पँवार** ने मंगलवार को **जिला कारागार उरई** का साप्ताहिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना। उन्होंने जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। निरीक्षण के समय जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
### **जमानत मिलने के बावजूद रिहाई न हो पाने वाले बंदियों की सूची मांगी**
निरीक्षण के दौरान श्रीमती पारुल पँवार ने उन बंदियों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया **जिन्हें सक्षम न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, परंतु जमानतदार न होने के कारण रिहाई नहीं हो पा रही है**। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि ऐसे बंदियों की सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन को भेजी जाए ताकि उनकी ओर से आवश्यक पैरवी कर **शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराई जा सके**।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन बंदियों की **आर्थिक स्थिति कमजोर** है, उनकी जमानत **राज्य निधि से जिला अधिकार प्राप्त समिति जालौन** के माध्यम से कराई जाए।
### **चिकित्सा सुविधाओं और महिला बंदियों की स्थिति का अवलोकन**
सचिव ने **कारागार चिकित्सालय** का निरीक्षण कर मौजूद बंदियों की स्वास्थ्य स्थितियों की जानकारी ली।
उन्होंने महिला बैरक में निरूद्ध बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की **चिकित्सा, पोषण और सुविधाओं** की भी विस्तार से समीक्षा की।
### **विधिक सहायता न मिलने पर तुरंत मदद के निर्देश**
निरीक्षण के दौरान श्रीमती पँवार ने जोर देकर कहा कि—
* जिन विचाराधीन बंदियों के **निजी अधिवक्ता नहीं हैं**,
* अथवा जिनकी **विधिवत पैरवी नहीं हो पा रही**,
उन्हें तत्काल **निःशुल्क विधिक सहायता** प्रदान कराई जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी बंदी को सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता की आवश्यकता है तो संबंधित न्यायालय में **प्रार्थनापत्र** प्रस्तुत करवाकर **एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र)** उपलब्ध कराया जाए।
### **दोषसिद्ध बंदियों की अपील समय पर सुनिश्चित की जाए**
दोषसिद्ध बंदियों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि—
* जिनकी **अपील दायर नहीं हो सकी है**, उनकी **जेल अपील** नियमानुसार तत्काल कराई जाए।
* अपील की मियाद समाप्त न होने पाए, इसके लिए **जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय** बढ़ाया जाए।
* किसी विधिक जटिलता की स्थिति में प्रकरण को **माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति** के संज्ञान में भेजा जाए।
### **लीगल एड क्लीनिक की जांच**
जिला कारागार स्थित **लीगल एड क्लीनिक** का निरीक्षण भी किया गया, जहां उपलब्ध सभी अभिलेख **संतोषजनक** पाए गए।
### **निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी**
इस अवसर पर—
* **जेल अधीक्षक— श्री नीरज देव**
* **कारापाल— श्री प्रदीप कुमार**
* **चिकित्साधिकारी— डॉ. राहुल बर्मन**
* **उपकारापाल— श्री अमर सिंह एवं श्री रामलखन**
* **जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक— श्री शुभम शुक्ला**
उपस्थित रहे।











