केदियरांचल बचाओ संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 700 घर और हजारों एकड़ कृषि भूमि नदी में समाने का दावा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नित्यानन्द सिंह
बलिया। बैरिया तहसील में गुरुवार को को सरयू नदी के कटान से उत्तरी दियरांचल के गांवों को बचाने की मांग पर प्रदर्शन हुआ। दियरांचल बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में हुए धरने में लोगों ने कटान रोकने के लिए काम शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी बैरिया के जरिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें स्थायी समाधान के लिए रिंगबंधा बनाने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा व पुनर्वास देने की मांग की गई।
समिति के अनुसार, वशिष्ठनगर, गोपालनगर, शिवाल और मानगढ़ में कई साल से सरयू नदी का कटान जारी है। अब तक हजारों एकड़ कृषि भूमि और करीब 700 घर नदी में समा चुके हैं। कुछ जगह जियोबैग लगाकर कटान रोकने की कोशिश हुई, लेकिन समिति का कहना है कि काम सीमित होने से दूसरी जगह कटान जारी है।
समिति ने कहा कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो करीब 50 हजार लोगों और बची हुई कृषि भूमि पर संकट आ सकता है। इसका असर अधिसिझुआ, चांददियर, चाई छपरा, मधुबनी, गंगापुर, सुरेमनपुर, दुर्जनपुर, हनुमानगंज, नारायणगढ़, झरकटहां और नवकागांव समेत आसपास के इलाकों पर भी पड़ सकता है।
ज्ञापन में नदी में समा चुके घरों के परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास देने के साथ कटान वाले इलाकों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाने की मांग की गई। समिति ने कहा कि अधिकारियों को पहले भी पत्र देकर समस्या बताई गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन में विधायक जयप्रकाश अंचल, राकेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अर्जुन सहनी, राजकिशोर सिंह, राजकुमार यादव, रघुनाथ यादव, प्रदीप यादव, अखिलेश राय, मिथकेश सिंह, उमेश सहनी, भूली सहनी, अर्जुन सहनी और श्रीनिवास भारत समेत जनप्रतिनिधि एवं हजारों ग्रामीण शामिल हुए।










